ਪੰਜਾਬੀ ਸ਼ਾਇਰੀ:-
ਏਥੇ ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਮਾਣ ਵਫਾਂਵਾਂ ਦਾ,
ਤੇ ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਨਾਜ਼ ਅਦਾਵਾਂ ਦਾ।
ਅਸੀਂ ਪੀਲੇ ਪੱਤਰ ਦਰੱਖਤਾਂ ਦੇ,
ਸਾਨੂੰ ਰਹਿੰਦਾ ਏ ਖੌਫ ਹਵਾਵਾਂ ਦਾ।
ਪੰਜਾਬੀ ਸ਼ਾਇਰੀ:-
ਏਥੇ ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਮਾਣ ਵਫਾਂਵਾਂ ਦਾ,
ਤੇ ਕਈਆਂ ਨੂੰ ਨਾਜ਼ ਅਦਾਵਾਂ ਦਾ।
ਅਸੀਂ ਪੀਲੇ ਪੱਤਰ ਦਰੱਖਤਾਂ ਦੇ,
ਸਾਨੂੰ ਰਹਿੰਦਾ ਏ ਖੌਫ ਹਵਾਵਾਂ ਦਾ।
अमीर खुसरो:-
अबुल हसन यमीनुदीन खुसरो (१२५३-१३२५) आम लोगों में अमीर खुसरो के नाम से प्रसिद्ध हैं । वह एक महान संगीतकार, विद्वान और कवि थे । वह सूफ़ी रहस्यवादी थे। उन्होंने फ़ारसी और हिन्दवी में काव्य रचना की । उनको कव्वाली के पिता के तौर पर जाना जाता है । उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अरबी और फ़ारसी संगीत का सुमेल करके इस को और अमीर किया । उन्होंने संगीत में ख्याल और तराना के साथ साथ तबले की भी ईजाद की ।उन्होंने ग़ज़ल, मसनवी, कता, रुबाई दो-बेती आदि में काव्य रचना की ।उनकी हिन्दवी रचना में पहेलियाँ, दोहे, गीत आदि शामिल हैं ।
उन्हीं का एक दोहा इस प्रकार है :-
खुसरो दरिया प्रेम का
उल्टी वा की धार।
जो उबरा(तैर के निकलना) सो डूब गया
जो डूबा सो पार।।
मिर्ज़ा ग़ालिब :-
मिर्ज़ा असद-उल्लाह बेग ख़ां उर्फ “ग़ालिब” (27 दिसंबर 1796 - 25 फरवरी 1869) उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के महान शायर थे। इनको उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फ़ारसी कविता के प्रवाह को हिन्दुस्तानी जबान में लोकप्रिय करवाने का श्रेय भी इनको दिया जाता है।
उनका एक मशहूर शेयर इस तरह है :-
हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू (बात करने का तरीक़ा) है
Insaan Kwahishon Se Bandha
Ek Ziddi Parinda Hai
Ummeedon Se Hi Gayal Hai
Ummeedon Par Hi Zinda Hai
One of the best teachings by
BABA FAREED JI:
Fareeda Khaak Na Nindiye,
Khaakon Jeid Na Ko,
Jeondya De Pairan Thalle,
Moyean Upper Ho.
ਫਰੀਦਾ ਖ਼ਾਕ ਨਾ ਨਿੰਦੀਏ
ਖ਼ਾਕੋਂ ਜੇਡ ਨਾ ਕੋ।
ਜਿਊਂਦਿਆਂ ਦੇ ਪੈਰਾਂ ਥੱਲੇ
ਮੋਇਆਂ ਉੱਪਰ ਹੋ।
राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ मुझको धोखा दिया सहारों ने अब सहारों से बचके चलता हूँ