Thursday, August 27, 2020

AMEER KHUSRO(अमीर खुसरो)

 अमीर खुसरो:-

अबुल हसन यमीनुदीन खुसरो (१२५३-१३२५) आम लोगों में अमीर खुसरो के नाम से प्रसिद्ध हैं । वह एक महान संगीतकार, विद्वान और कवि थे । वह सूफ़ी रहस्यवादी थे। उन्होंने फ़ारसी और हिन्दवी में काव्य रचना की । उनको कव्वाली के पिता के तौर पर जाना जाता है । उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अरबी और फ़ारसी संगीत का सुमेल करके इस को और अमीर किया । उन्होंने संगीत में ख्याल और तराना के साथ साथ तबले की भी ईजाद की ।उन्होंने ग़ज़ल, मसनवी, कता, रुबाई दो-बेती आदि में काव्य रचना की ।उनकी हिन्दवी रचना में पहेलियाँ, दोहे, गीत आदि शामिल हैं । 

उन्हीं का एक दोहा इस प्रकार है :-

खुसरो दरिया प्रेम का
                         उल्टी वा की धार। 
जो उबरा(तैर के निकलना) सो डूब गया 
                         जो डूबा सो पार।। 






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राजदारों से बचके चलता हूँ

  राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ  मुझको धोखा दिया सहारों ने  अब सहारों से बचके चलता हूँ