Thursday, December 31, 2020

दिखावे के हैं सब

 

आतिश:-

दिखावे के हैं सब

                       ये दुनिया के मेले 

री बज़्म में हम

                             रहे हैं अकेले   


Sunday, December 20, 2020

दर्द मुझको ढूंढ लेता है

 दर्द मुझको ढूंढ लेता है रोज 

                               नए बहाने से

वो हो गया है वाकिफ़ मेरे 

                               हर ठिकाने से




Friday, December 18, 2020

जब से चेहरे पढ़ने की

 जब से

      चेहरे पढ़ने की कला पाई है 

तब से 

     एक मैं हूँ और मेरी तन्हाई है 




Saturday, December 12, 2020

आँखें पढ़ो और जानो

 आँखें पढ़ो और जानो 

                      हमारी रजा क्या है

हर बात लफ़्ज़ों में हो 

                      तो मज़ा क्या है




राजदारों से बचके चलता हूँ

  राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ  मुझको धोखा दिया सहारों ने  अब सहारों से बचके चलता हूँ