Saturday, August 22, 2020

MIRZA GHALIB ( मिर्ज़ा ग़ालिब)

मिर्ज़ा ग़ालिब :-

मिर्ज़ा असद-उल्लाह बेग ख़ां उर्फ “ग़ालिब” (27 दिसंबर 1796 - 25 फरवरी 1869) उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के महान शायर थे। इनको उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फ़ारसी कविता के प्रवाह को हिन्दुस्तानी जबान में लोकप्रिय करवाने का श्रेय भी इनको दिया जाता है।

 उनका एक मशहूर शेयर इस तरह है :-

        हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है 

        तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू  (बात करने का              तरीक़ा)  है 





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राजदारों से बचके चलता हूँ

  राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ  मुझको धोखा दिया सहारों ने  अब सहारों से बचके चलता हूँ