Sunday, January 31, 2021

ले चला जान मिरी

 दाग़ देहलवी :-

ले चला जान मिरी रूठ के जाना तेरा

ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा



Sunday, January 17, 2021

ਛੱਡ ਗਏ ਜੋ ਨੇਰਿਆਂ ਵਿੱਚ

ਇੰਦਰਜੀਤ ਕਾਜ:-

ਬਦਲੇ ਨੇ ਦਿਲਬਰਾਂ ਦੇ ਅੰਦਾਜ਼ ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ

             ਮੌਸਮ ਜਿਵੇਂ ਬਦਲਦਾ ਅੰਦਾਜ਼ ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ

ਛੱਡ ਗਏ ਜੋ ਨੇਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਇਦ ਉਹ ਜਾਣਦੇ ਨਈਂ

                      ਹੁੰਦਾ ਸਵੇਰਿਆਂ ਦਾ ਆਗਾਜ਼ ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ




Saturday, January 9, 2021

इस अहद के इन्सां में

 इस अहद के इन्सां में बफा ढूँढ रहे हैं

           हम ज़हर की शीशी में दवा ढूँढ रहे हैं

पहले तो ज़माने में खो दिया कहीं खुद को

            आईने में अब अपना पता ढूँढ रहे हैं




राजदारों से बचके चलता हूँ

  राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ  मुझको धोखा दिया सहारों ने  अब सहारों से बचके चलता हूँ