Saturday, January 9, 2021

इस अहद के इन्सां में

 इस अहद के इन्सां में बफा ढूँढ रहे हैं

           हम ज़हर की शीशी में दवा ढूँढ रहे हैं

पहले तो ज़माने में खो दिया कहीं खुद को

            आईने में अब अपना पता ढूँढ रहे हैं




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राजदारों से बचके चलता हूँ

  राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ  मुझको धोखा दिया सहारों ने  अब सहारों से बचके चलता हूँ