दाग़ देहलवी :-
ले चला जान मिरी रूठ के जाना तेरा
ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा
राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ मुझको धोखा दिया सहारों ने अब सहारों से बचके चलता हूँ
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