शायरी:-
बिकती है ना खुशी कहीं
ना कहीं गम बिकता है
लोग गलतफहमी में हैं
कि कहीं मरहम बिकता है
Truth of today'life👍🏻
Nyc
राजदारों से बचके चलता हूँ गम गुसारों से बचके चलता हूँ मुझको धोखा दिया सहारों ने अब सहारों से बचके चलता हूँ
Truth of today'life👍🏻
ReplyDeleteNyc
ReplyDelete